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अक्टूबर 21, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Mere dil ka saaj

Mere dil ka saaj...  है चाँद नहीं  मेरे दिल का साज हो तुम,  जब जब भी तुझे देखु एक आस हो तुम।  है तुम्हारी भी अदाएं निराली इस जग में,  यू कहू किसी आशिक का खिताब हो तुम।  तुझे देखु तो याद मेरा महबूब आए,  ना देखु तो चैन ना आए।  जब कभी छुप जाता है बादलों की ओट में,  तो मायूश होकर बैठ जाता हूं ।  रात की तन्हाइयों को तेरे संग बिताऊ मे,  सुबह पहले पहल नज़रे तूझी से मिलाऊं में,।  मेरा जो सनम है तेरा ही सरमाया है,  जो रात ढलत्ते ही छोड़ मुझे चला जाता है।  शिकवा तुझ से भी है और उस से भी है, जो हरदम छुपते छुपाते रहते हो।   मगर चुप रहकर बहुत कुछ कह जाते हो।  चांदनी तुम्हारी है बेशुमार ,  जो जग को रोशन करती है।  देख तुझे ख्वाब सब अपने जो बुनते हैं,।  कभी कभी तो दिल की गहराइयों में इस कदर जा बैठते हो,  कि सनम को छोड़ तेरा ही दीदार कर लु।  मगर जब ख्याल महबूब का आए दिल में तो,  वो कम्बख्त गले जो लगा लेता है।  मौ...

Kese kar lu yakin tera

Kese kar lu yakin tera  तुमको कितनी बार कहा, दूर रहा करो मुझ से,  तुम्हारी परछाई भी तकलीफ देती है ।   लगता है जैसे कोई फिर से मुझे बांधना चाहता है,  अपने हुस्न के जाल में ।  अजीज नहीं है तू मेरा जो फिकर रहे मुझको तेरी, गैरो के गले लगकर हमनशी मुझे बनाने को चले।  गलत है ये इंसाफ तेरा कि गम मे मुझे चुनती हो ,  और खुशी मे किसी और को ।  कभी कुछ नहीं चाहा तुमसे मोहब्बत के सिवा,  और तुमने मोहब्बत का नाम ही खराब कर दिया।  आंख कभी नम नहीं हुई किसी की बेवफ़ाई से, मगर आज सुख जाने का इंतज़ार करती हैं ।  जब तुम्हें शोहरत मिली तो एक पल भी नहीं सोचा,  प्यार भूला दोलत को चुना तुमने.....  जब भर गया तुम्हारे  हुस्न से जी गैरो का तो निकाल फेका,तुम्हें एक कांटे की तरह ।  अब तुम लोटकर आए हो अतीत के साये में, तो केसे कर लु यकीन तेरा,  तू ही बता केसे कर लु यकीन तेरा ।