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अक्टूबर 7, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Talash

     Story....               **Talash ** आज सुबह से तेज बारिश हो रही थी, सब लोग अपने अपने घरो में बेठे आराम फरमा रहे थे।  कुछ लोग घर के बाहर बैठकर आते जाते हुए लोगो को देख रहे थे, और बीच बीच में कह रहे थे, देखकर चलना, संभलकर चलना, पानी बहुत भरा हुआ है ।  में भी अपने घर की बालकनी में खड़े होकर सड़क पर झांक रहा था, चारों तरफ पानी इतना भर गया कि पता ही नहीं चल रहा रास्ता कहा है।  अचानक मेरी नज़र दूर से आती हुयी एक फैमिली पर पड़ी, बारिश की वजह से साफ तो नही दिख रहा था, लेकिन चार लोग हाथ में सामान लिए चले आ रहे थे।  मे अब उनको ही देख रहा था, कि वो लोग इतने पानी में सामान के साथ कैसे जाएंगे।  कभी उनके कदम लड़खड़ाते, तो कभी अपने सामान को संभालते नज़र आते । धीरे - धीरे वो इतने पास आ गये कि मे स्पष्ट रूप से देख सकता था, उनको ।  जब दिखाई दिया तो पाया कि एक परिवार जिसमे पति पत्नी और दो लड़कियां ।  एक की उम्र मेरी जितनी थी शायद, एक उस से छोटी। उस लड़की को पास से देखा, तो द...

Wo tuta makan..

    Wo tuta makan ... जमाना बदला, तू बदला, मे बदला,  मगर वो गलियां ना बदली,  जहां कभी रोशन होते थे आशिकों के ख्वाब.... वो टूटा टूटा सा, बारीश के पानी से झरता हुआ , मकान आज भी जिंदा है, इन हालातों में... उसको देखने भर से वो यादे जहांन मे बिखर जाती है आज भी..  जहां पर छुप छुप कर मिलने आता था आशिकों का सैलाब ।  यही पर हासिल होते थे प्यार के नज़राने, जिसकी एक छवि उस मकान ने अपने सीने में दबा रखी है।  जब भी कोई वापस आता होगा तो देखकर मुस्कुराता होगा। और खो जाता होगा अपने अतीत के सागर में,...  जो अब कुछ धूंधला - धूंधला सा नजर आता होगा । और आ भी जाए तो किसी और के डर से याद नहीं करना चाहता । बस देख कर ही रह जाते हैं सब......    । अब वो मकान सुना - सुना सा है,  इंतज़ार में है ,कि गिरने से पहले फिर से कोई आए  और मोहब्बत का चिराग जला जाये । 

Teri sohabat...

Teri sohabat.....  कोन सुने दर्द ए मोहब्बत दिल की किससे कहे, किसको सुनाऊं फसाने तू तो चला गया मुझे रुसवा कर के, वादे मोहब्बत के कर के ।  कुछ पलों की खुशी देकर गमो का सागर मुझे दे गया तेरी सोहबत में था मेरा हर लम्हा आदिल, ।  तू नही तो हर पल धुंधला होता तू मुझ से रूबरू, गर ना करता कोई जलाल ।  तन्हाइयों से टूटकर बिखर चुका में, चाहकर भी ना जुड़ सका मे ।  किस्सा बना फिरता हू जमाने में, लबों पे मेरे ही किस्से लोगो को जहां जाता हूँ बस चुप रहता हूँ ।  जीवन की उलझन को अब केसे सुलझाऊं तन्हा दिल की बातो को केसे बतलाऊ  ।  आंखों में ना आंसु है ना लबों पे खुशी बस खामोशी है चेहरे पर अब

Meri shayari

    Meri Shayari....    वो कहते थे जान दे देंगे तुम्हारी खातिर पर कम्बख्त ने जान ले ली किसी और को गले लगा कर ।   वो भी क्या अदाएं थी उनकी           नज़रें हमारी तरफ,             बाते किसी और से  ।  वो आज फिर मुझे धोखा दे गया          मिलने आया मुझको तोहफा किसी और को दे गया ।                           आज उस मोहब्बत की                                                                                                  दहलीज को                             ...

Mohabat ki tadap /मोहब्बत की तड़प

     Mohabat ki tadap... मोहब्बत की तड़प तुम क्या जानो, कभी आना हमारी चौखट पे ।  बताएंगे तुमको फुर्सत से मोहब्बत के वो किस्से, जो तुम ने नहीं सुने होंगे कभी ।  बैठना कुछ पल हमारे साथ, उन लम्हों की सेर पर ले चलेंगे तुमको,  जहां रास्ता तो है जाने का, मगर आने को तरस जाओगे तुम।  पहले पहल के सफर में तुमको मजा आएगा बहुत,  फिर आगे चल कर पांव तुम्हारे थम जाएंगे,   कलम रुक जाएगी  तुम्हारी लिखने को आगे की दास्तान ।  अश्क निगाहों से जब बारिश की तरह टपकने लगेंगे तुम्हारी ,  रोक नहीं सकोगे खुद को मुझे गले लगाने से ।  आना तुम कभी वक़्त निकालकर हमारी चौखट पर, दिखाएंगे तुम्हें जख्म वो,  जो अब तक रवा है, किसी की बेवफ़ाई से,  एक बार छू कर देख लेना, हाथों मे तुम्हारी छाप छोड़ जाएंगे, आना तुम दिखाएंगे तुमको वो खून से लतपत कागज के टुकड़े, जिन पर बड़े अरमानों से शब्दो को  सजाया करते थे ।  महज कागज नहीं है वो इस दिल कि कि धड़कन है जो जो किसी की खुश्बू से बढ जाया करती थी।...

Gam nahi koi /गम नहीं कोई

 Gam nahi koi.... चला जाये गर तू कहीं और तो  मुझे गम ना हो अफसोस ना हो l गैरो की आदत सी है तुम में भी.....  बात नहीं वो... पास आए तो l होगा ना मुमकिन अब ये दुबारा  कोई नहीं... जो मेरे साथ हो l तुम्हारी तो फितरत है दिल लगा के तोड़ने की आज से नहीं पहले से ही......  पता है सब मगर कुछ कहा नहीं ।  मौका देकर इंतज़ार किया सम्भलने का  पर तू समझा ही नहीं ।  बेकार हुई कोशिशें सारी मेरी तुझे समझाने मे, ।  था तो रिस्ता दिलो का ही, मगर नाम कुछ और रख दिया ।  माना दोलत नहीं है मेरे पास मगर मोहब्बत की शोहरत तो है बेमिसाल, ।  अफसोस नहीं है कि तू चला गया, खुशी है कि मुझे सिखा गया,।  अब अफसोस तुझे जरूर होगा, आज न सही, कल ही सही,  इंतकाम भी तो देखना है फिर तुझे मेरे मुकाम का, ।  बाते तेरी सब याद है मुझे, हर एक जख्म का हिसाब तो भी तो देना है फिर तुझे, बात तुमने शुरू, पर ख़त्म मुझे ही करना है। हर एक अश्क का तोहफा तुझे देना है । खुशी जितनी दी तुमको.... गम भी उत...

Prem ki dagar...

      Prem ki dagar.... प्रेम की डगर आसान नहीं बड़ी मुश्किल होती है ।  चलना बड़ा मुश्किल होता है मोहब्बत कि राह पे,  कुछ चलकर सीख जाते हैं, तो कुछ सीखकर चलते हैं ,  मगर मुकाम हासिल नहीं कर पाते ।  कुछ लोग ही होते हैं जिनको सच्चा प्यार नसीब होता है, जो उम्र भर साथ रहता है l बाकी तो सब गम और यादो में सिमटकर रह जाते हैं....  और किस्से सुनाते हैं महफिलों में उसके, जिसको कभी अपना सब कुछ मानते थे  l और वो... जो कभी परछाई की तरह साथ रहने का वादा किया करते थे  l और आज धूप की तरह याद भी नहीं करते, छोटा सा शब्द है प्रेम, मगर इसके किस्से बड़े बड़े हो जाते हैं,  होती ना अगर जमाने में चाहत तो कितना सुकून रहता, ना खुद बदलते ना हालत,.... मगर एक पल के लिए सोचा जाए तो ना होती मोहब्बत अगर जमाने में तो तन्हा हो जाता इंसान l बस प्रेम मे ही जीवन है, प्रेम मे ही ख्वाहिश है , दर्द होता है प्रेम में मगर जीने का सलीका भी सिखा जाता है।  में तुझसे प्रेम करू तु मुझसे प्रेम करे गुज़र जाए ...

अजीज अफसाने...

अजीज अफसाने.... वो छत पर से इशारे कर रहे थे हमको, हम थे नादान जो पत्थर उठा के दे मारा..... आज फिर से किसी के इंतज़ार में शामिल होकर इस्तेमाल हो गया मे सब जानकर भी अनजान बन गया मे..... सांसों से जब साँसें मिलती है, तो दिल की धड़कन बढ़ जाती है, लम्हा थम सा जाता है, और गुस्ताखियां हो जाती है........ करना है किसी से गिले शिकवे, तो लफ़्ज़ों से कुछ ना कहो, बस चुप रहो, चुप रहो.... होता है जब पहली दफा प्यार तो सब अच्छे ही लगते हैं, और होती है जब बेवफाई सब बुरे ही लगते हैं l अजीब दस्तूर है मोहब्बत का, अपना कोई बनने को राजी नहीं गैर कोई होने नहीं देता  l.... हर हुस्न वाला फरेबी होता है अक्सर, तभी तो मोहब्बत में निकाह कम, जनाजे ज़्यादा निकलते हैं l.... हमने भी मोहब्बत करके  कुछ हासिल नहीं किया बस खुद को तबाह किया तबाह किया...। वो मासूम से बनकर खड़े थे कुछ देर पहले, मुस्कुराते हुए, किसी को ताक रहे थे शायद । पहलू से जब आवाज आयी किसी की तो,  शर्म से नज़रे झुका ली, और चल दिए मुस्कुरा के ।

Sukun....

         Sukun....  देख कितना खुश हूं मे आज, जब से तेरा मेरा रिश्ता टूटा, बदल सा गया । पहले ना सुकून से सोया कभी तेरी मोहब्बत में, आज तेरे जाने के बाद सुकून इतना है कि पूछो मत।                           पहले बार - बार तेरे लिए खुद को संवारता था फिर भी नहीं देखता था तू । आज खुद के लिए संवरा हूं तो बहुत देख रहा तू मुझ को। तेरी मोहब्बत में इतना बेचैन रहता, फिकर करता तुम्हारी हर पहर। रोज- रोज खुद को ही जलाता रहता तेरी मोहब्बत मे । आज तुझे जलता हुआ देख कितनी ठंडक है दिल मे। पहले दिक्कत होती बहुत जब किसी और से बाते करती, अब करो कितनी ही बाते दिन रात किसी से भी नहीं होगी दिक्कत मुझे l अब चाहे कर तू कितने भी गीले शिकवे, नहीं पिघलूंगा में, नासमझ नहीं जो ग़लतियाँ दोहराकर, तेरे आगोश में फस जाऊं फिर  । परिंदा निकल चुका है अब, खुद की उड़ान भरने को, लोटकर थोड़ी ना आऊंगा । जहन्नुम बना दी जिंदगी, तेरी मोहब्बत में अब जन्नत बनाकर रहूँगा मे l तेरा कारवां तुझे मुबारक, ते...