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सितंबर 2, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Poem... धर्म का व्यापार

चल रहा है,समाज में जो धर्म का हाहाकार, करता है समाज ही सबको बदनाम। कहता है करो समाधान, बाबाओ ने किया है जो काम ।  पर किसका ? उसका जो परम्परा उसने खुद बनाई । प्रकृति का यहीं रहा सिद्धान्त , सुंदरता करती सबका नुकसान। जहाँ पर बसती हैं सुंदरता, जाहिर सी बात है बहकेगा इंसान । उस सुंदरता की माया से बचा नहीं                कोई देवता या शैतान  ,                                  ये तो फिर भी है इंसान। धम॔ की आड़ में पैसा कमाना हैं कुछ लोगों का सिद्धान्त।                                                  इतने बड़े देश में लोगों को ,आता नहीं क्या ये ख़याल जिन्दगानी में हर इंसान भाग दोड़ करेगा, तभी तो करेगा सारे काम । बाबाजी भी करते हैं कमाने के उपाय, ये तो जनता की गलती, जो जाते उनके पास । जनता कहती है उसको पकड़ो पर क्यूँ ...

Story.. Love at brother n sister

रिश्ते भी अजीब होते हैं इस समाज के कोई रिश्तों में डूब जाता है, तो कोई रिश्तों से परे हो जाता है। लेकिन उसकी अहमियत हमेशा महसूस करता है। , कोई दोस्त हैं, तो कोई भाई हैं, कोई मां है, तो कोई पिता, , तो कोई भाई - बहन।।  हर रिश्ता बड़े ही नाजों से पलता है। , दरकिनार कर जाते है हम कई बार इन सब रिश्तों को, लेकिन अंत मे वहीं आकर मिल जाते हैं। हो जाती रिश्तों में अनबन कभी तो, दोनों ही मुरझा सा जाते हैं। लाख गालिया देते हैं मगर मिठास बरकरार रहती है। अजीब है समाज के रिश्ते भी.. इन्ही रिश्तों में सबसे पवित्र रिश्ता भाई बहन  का । जो सात समन्दर पार भी अपना वजूद नहीं भूल पाता। हो अगर बहन तो पूरा घर गूंजता है शोर शराबों से , ना हो तो एक अजीब सी चुप्पी घर में छा जाती है। होते हैं झगड़े भी रोज कोई ना कोई बात पे कभी भाई नाराज़ तो कभी बहन हो जाती है खफा। गायब हो जाता है सारा गुस्सा उस वक्त जब बहन या भाई बड़े प्यार से कहते है। तेरे लिए भी चाय बनाऊ क्या ,,,,😊 😊 दूसरे ही पल दोनों आपस  मे बैठ कर चाय की चुस्कियां लेते नज़र आ जाते हैं। , यहीं होता है अक्सर इन दोनों के...

Gazal...

सारे जहाँ की नज़र तुम पर, मगर तुम्हारी नज़र किस पर ll ये जहाँ है तुम्हारे पीछे, मगर तुम किसके पीछे ll दोस्त हो या रकिब सब तुम्हें अपना बनाने को है शामिल ll मगर तू वो साहिल हैं जो कभी ठहरता ही नहीं किसी किनारे ll बस अपनी मंज़िल की ओर बढ़ते हुए कितनी कस्तियो को पीछे छोड़ चला तू ll मगर कब तक यू ही एक धारा बनकर फिरोगे, कभी तो सुकून के पल में किनारे का आशियाना लोगे ll तब एक नज़र घुमा लेना अपनी, हम भी वही, तुम्हारे इंतज़ार में बिच मझधार में यू तन्हा दिख जाएंगे ll तब फासला काफी होगा हम दोनों के दरमियान , मगर तुम एक मुस्कुराहट अपनी दे देना,  हम भी उम्र भर पीछा नहीं छोड़ेंगे                                 Govn......

Gazal

वो यू चुपके चुपके रात दिन हमे ही देखते रहते हैं। उनकी अदा भी अजीब पेशगी है, जो हमे दीवाना बनाने को मजबूर कर देती है l कभी उनके इशारे.. कभी उनकी नज़रों की हरकतें, बड़ा ही बेकाबू बना देती है l यू हर रोज उनका हमे चीलमन से देखना फिर छुप जाना l में जो देख लु उनको.. तो नज़रे झुका के चले जाते हैं l सुबह जब वो नहा कर, छत पे आते हैं, हम भी बेसब्री से इंतज़ार करते हैं l पल दो पल हमे देख के मुस्कुरा के चले जाते हैं l बन संवरकर घर से निकलते तो, हम भी काला टीका लगाने का मसवरा दे डालते हैं l वो भी सुन कर खामोशी से कुछ न कुछ कह डालते हैं l न जाने कहाँ कहाँ से दिल चुराने की अदाएं लाते हैं, चुप रहकर भी सब कुछ कह जाते हैं l😏😏 उनकी अदाएँ क्या कहें जितना कहे कम ही लगता है l जब वो जुल्फों की लटों को उंगलियों में लेकर हरकतें करते है  बड़े अच्छे लगते हैं ll रात की चांदनी में उनको देखु तो चाँद भी सरमा जाए,....🌛🌛 है इतने हसीन कि कायनात में भी पहरा लग जाए l है नहीं किसी पैमाने 🍷🍷🍷से कम नशा उनका, देख लू तो सारी रात मदहोशी में गुज़र जाये l देखते देखते गुज़र गया अरसा मगर इज़हा...

Gazal

वो रुख से पर्दा उठाए झांक रहे थे मोहल्लें में, हमने भी पूछ लिया उनको, कि आज किसका कत्ल करने का इरादा है, 😀😀.. पहले तो वो गुस्साए.😶😶. फिर थोड़ा सा शर्माए,🤗 मुस्कुराए, 😊😊....  आखों से आंखे मिलाई कहा कुछ  इस तरह से....  ना निकला करो हुस्न की गलियों से, वरना कत्लेआम तुम्हारा भी हो सकता है, ll उनकी इन बातो को सुन कर हम भी थोड़ा घबराए,,  नजरें नीची झुकाए कुछ कह ना पाये,, फिर तोड़ चुप्पी को जवाब तलब में कह आए,ll  जब हम जैसा कोई आशिक हुस्न को देखने वाला ना हो  तो आपका बनना संवरना फीका पड़ जाए,ll  हम है तभी तो हुस्न में तुम्हारे गुले गुलज़ार हैं... बहार है,, नहीं तो ये कब  का ही मूर्झा जाए, ll सुनते ही जवाब तलब वो गुस्से से भरे नीचे आ गए.. , हुये जब रूबरू.. __हुए जब रूबरू...... आंखों में नशा, चेहरे पे हंसी, और उंगलियों से.... __और उंगलियों से..... छूकर निकल गए जाते जाते मोहब्बत का आगाज कर गए ,ll  उस दिन से.... ___उस दिन से..... हुस्न वाले फरेबी हो गये, ll😀😀😀

Gazal

उनसे गुफ्तगू हो रही थी रातो को,😊 अचानक उन्होने कहा कि हमको नींद आ रही है ll😊 हमने भी शुभ रात्री कहकर,😊 रख दिया फोन को साइड मे ll😊 पर समझ नहीं आता,😊 सोने के बाद भी, 😊 उनका फोन व्यस्त केसे आता होगा  ll😊😊😊                                Govn..... 

Gazal

Sigar sulgayi thi mene ek,  Rat ke teesre phar me l magar ksh ek bhi na laga saka ll Jese hi ek ksh ka duwaa utara sine m,  uski yado ne phra de dala ll  unki yado me ese khoye.. pata  na chal saka, ki sigar kab pura hoker... Mere thandi ungliyo ko chu gya ll Hosh me aya to paya kuch jalne ki gnd  mujse kh rahi thi...... 😊😊 abhi rat puri nikalni h bhar bethkar ll