कहा था मेने तुमसे एक दिन, मुझे यू तन्हा न कर जाओ ।
लेकिन तुमने एक न सुनी मेरी,
आज इतने बरसो बाद तुम तन्हा हुए, मेरी याद आ गई तुमको l
तू अब कितनी भी कोशिश कर ले, मैं वो पहले वाला मोम का पुतला न रहा,
जो तुम्हारी बातो की गर्मी से पिघल जाया करता था l
तुम्हारे जाने के बाद मेने कर लिया जमीर को झोलीदा,
प्यार मोहब्बत को भी पीछे छोड़ आया l
नहीं लोटूंगा में अब तुम्हारे पास कभी
चाहे तो मर जाए तू अभी l
रोया तो बहुत था तुम्हारे जाने के बाद, लेकिन अब हसुंगा भी बहुत l
तुम थे खुश किसी के आने पर बहुत,
पर में खुश हू तेरे जाने पर बहुत l
था तू कभी मेरा जुनून, मेरा सरमाया,
पर अब नहीं पड़ने दूंगा तेरा साया l
लेकिन तुमने एक न सुनी मेरी,
आज इतने बरसो बाद तुम तन्हा हुए, मेरी याद आ गई तुमको l
तू अब कितनी भी कोशिश कर ले, मैं वो पहले वाला मोम का पुतला न रहा,
जो तुम्हारी बातो की गर्मी से पिघल जाया करता था l
तुम्हारे जाने के बाद मेने कर लिया जमीर को झोलीदा,
प्यार मोहब्बत को भी पीछे छोड़ आया l
नहीं लोटूंगा में अब तुम्हारे पास कभी
चाहे तो मर जाए तू अभी l
रोया तो बहुत था तुम्हारे जाने के बाद, लेकिन अब हसुंगा भी बहुत l
तुम थे खुश किसी के आने पर बहुत,
पर में खुश हू तेरे जाने पर बहुत l
था तू कभी मेरा जुनून, मेरा सरमाया,
पर अब नहीं पड़ने दूंगा तेरा साया l
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