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Gazal

waqt  be waqt bina soche tumhari taklifoo ko apnaya,

anjam ki parwaah kiye bina tumhare sath chle, l
jb kabhi rutha tu to hmesa mnane dhode chale aate l
tumne bulaya aur ham chle aate,,
tumhare liye kiya khud ka thahraav aaj tak
,
yu juba se aaj tak kuch kah bhi na paye,

tumhare har dard me masgul hoker apna samza,
magar hamare dard ko kyu n smaza l

takliif hoti h bahaut ,jab tu ruswa hota hai
har bar galti man jhuk jata hu hmesa l

 magar tumko ehasas kisi bat ka nahi l

kabhi kabhi lagta h ,ham galat karte h,
lekin mohabat me dil tutne se darte h ll

hamne dil lagaya aapse magar apne to dil bahlaya hamse, l

mohabat ka bahana karke n jane kya kya sitam karwaya l

hamari jindgi me jab kisi ne dasak di thi,
tab bhi hamari har kosis ki, tum se dur na ho jaye l

kar gya tumhari mohabat m wo khata bhi jo koi na karta, ll

tumhari khateer us ajnabee ko hi chod diya, jo jindagi me mukmal hota h   ,,,
ki m tumhara  rahu jindgi bhar ll

lekin tumhari jindgi me kisi ajnabee ki aane ki aahat pakar hi tum itne deewane ,bekaabu ho gye,l

ki hamare liye waqt hi nahi raha ab,
 lagta h jese tumko barso se usi ka intzaar ho... I l

           Govn.... 😊😊

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