सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Song

aa gya hu milne ko tumse,tod ke sare bandhno ko l

teri rahmat ke aage sir jhukaye khada hu l

h agar sach me tu.. e _ rab,

to dikha mujko mera intkaam l

to  me karu ibadat teri jo tu chahe ,

agar na kar paya tu meri ibadat puri,

to na kabhi me tere dr par lout ke aaunga l

sun le e khuda ,hu tanha me bhi l

is kaynat me khada tere dr par kab se  l

rahunga tab tak yaha ,jab tak roshni ka pegam na ho l

dekhta hu kab tak mera, tu imtihaan leta h l

mera bhi sabr h ,jo imtihaan deta h l

agar tut gya sabr mera aaj yha par, to nahi loutunga me kabhi s chokht par l

e khuda _e khuda_e khuda......

ab h teri marzi tu aa ya na aa....

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Wo tuta makan..

    Wo tuta makan ... जमाना बदला, तू बदला, मे बदला,  मगर वो गलियां ना बदली,  जहां कभी रोशन होते थे आशिकों के ख्वाब.... वो टूटा टूटा सा, बारीश के पानी से झरता हुआ , मकान आज भी जिंदा है, इन हालातों में... उसको देखने भर से वो यादे जहांन मे बिखर जाती है आज भी..  जहां पर छुप छुप कर मिलने आता था आशिकों का सैलाब ।  यही पर हासिल होते थे प्यार के नज़राने, जिसकी एक छवि उस मकान ने अपने सीने में दबा रखी है।  जब भी कोई वापस आता होगा तो देखकर मुस्कुराता होगा। और खो जाता होगा अपने अतीत के सागर में,...  जो अब कुछ धूंधला - धूंधला सा नजर आता होगा । और आ भी जाए तो किसी और के डर से याद नहीं करना चाहता । बस देख कर ही रह जाते हैं सब......    । अब वो मकान सुना - सुना सा है,  इंतज़ार में है ,कि गिरने से पहले फिर से कोई आए  और मोहब्बत का चिराग जला जाये । 

Dil - e- nadan....

                Dil- e - nadan....               भूल जा ए- दिल उन बातो को जो बड़ी तकलीफ देती है l भुला भी दे अब तो उस शख्स को, जिसने अशूफ्ता कर दिया तुझे...... 😇😇😇 शायद उसकी दिल्लगी अब्तर थी तेरे लिए l क्यू जला रहा  है अपने दिल को उसकी यादो में ,  तन्हा सा कर लिया उसके ख्यालातों से l वक़्त भी काफी गुज़र चुका अब तो उसको गये हुये, फिर भी उसका ही ख्याल क्यूं रहता है तुझे तू जिसके लिए इतना तड़प रहा है ए दिल.... वो शख्स बेवफा निकला इतना कि जाते जाते भी रुला कर चला गया l परवाह होती गर उसको तेरी, तो किसी और का सरमाया ना बनता l बन भी जाता अगर किसी और का तो कोई तकलीफ नही थी मगर किसी का होने से पहले ही ठुकरा दिया खिलौना समझकर l याद है ना , ए मेरे दिल... तूझको , वो कहते थे कि हम कभी जुदा ना होंगे, अगर हो भी गए जुदा लेकिन प्यार तुम्हारे लिए वही रहेगा l मगर वो सिर्फ बाते थी सिर्फ बाते........ दिल बहलाने के लिए l समझता क्यू नही ए - दिल - ...

कुछ शेर

जब उसका फोन आया सुबह जब जाने की तैयारी थी एक आवाज फोन की आयी थी  नम्बर था कुछ जाना पहचाना मगर याद ना आया ख़्याल आया कहीं वो तो नहीं जिसके बारे में सोच रहा में कल फोन उठाया और आवाज सुनकर मुस्कुराया  ये वही था जिसका मुझे इंतज़ार था कुछ बाते हुई खास हम दोनों के साथ  जाने कौन सी खुशी मिली  जो हुई अच्छे दिन की शुरुआत  ,,,,,     ,,,,,,,,,,,, ______________***********                  शाम हो गई  किसी को घर जाने की जल्दी, तो किसी को मिलने की बेकरारी, कोई महफ़िल में जाने को बेकरार, तो कोई कर रहा तन्हा किसी का इंतज़ार, मगर में अब भी उसी जगह पर बैठा सोच रहा हूँ, कि कहा जाऊं, कौन है, जो मेरा इंतज़ार करेगा, बस इसी सोच में सुबह से शाम और शाम से रात गुज़ार रहा हूँ             समझौता करना कई बार रिश्तों को जिताने के लिए, ख़ुद को सामझोंता करना ही पड़ता है,  मगर जो कुछ भी करते हैं वही तो जीत का आगाज कहलाता है, इन हालातों को खुशी से स्वीकार कर, द...

Safar....

Safar........  दुनिया कि इस भीड़ में न जाने कितने अजूबे हैै l एक तो हम हैं, बाकी सारी कायनात हैं  ll यूं तो चलने का मन नहीं करता, मगर अनजानी राहे , भीड़ में ही मिला करती है l     जीने का सलीका यहीं से मुकम्मल हो जाता है l अगर सफर ना होता मिलो का, तो मे न चलता l और बन जाता हिस्सा उसी भीड़ का l वो भीड़ जो नहीं देखती कभी किसी को,  आजमाईश का दौर है..........  जिसमे मयस्सर भी चुरा लिये जाते हैं  निकल भीड़ से इन्तिका  ढूँढू कहीं,,,  जहां बस मेरा ही इख्तियार हो l  😊 😊 😊 😊 

Poem... धर्म का व्यापार

चल रहा है,समाज में जो धर्म का हाहाकार, करता है समाज ही सबको बदनाम। कहता है करो समाधान, बाबाओ ने किया है जो काम ।  पर किसका ? उसका जो परम्परा उसने खुद बनाई । प्रकृति का यहीं रहा सिद्धान्त , सुंदरता करती सबका नुकसान। जहाँ पर बसती हैं सुंदरता, जाहिर सी बात है बहकेगा इंसान । उस सुंदरता की माया से बचा नहीं                कोई देवता या शैतान  ,                                  ये तो फिर भी है इंसान। धम॔ की आड़ में पैसा कमाना हैं कुछ लोगों का सिद्धान्त।                                                  इतने बड़े देश में लोगों को ,आता नहीं क्या ये ख़याल जिन्दगानी में हर इंसान भाग दोड़ करेगा, तभी तो करेगा सारे काम । बाबाजी भी करते हैं कमाने के उपाय, ये तो जनता की गलती, जो जाते उनके पास । जनता कहती है उसको पकड़ो पर क्यूँ ...

Is diwali kuch acha karte hai

Is-diwali-kuch-meetha-ho-jaaye इस दिवाली कुछ अच्छा करते हैं, किसी और को भी खुशियाँ देते हैं, चलो उन रिश्तों का हाथ फिर से थाम लेते हैं जिनको भुला चुके हम, उन नफरतों को मिटाकर दिल में मोहब्बत भरते हैं। इस दिवाली कुछ अच्छा करते हैं।  प्यार की रोशनी को कुछ दानों के साथ उन मासूमो को बांटते है, अबकी बार घर खुशियों से सजाते हैं, कुछ लोगो को खाने पे बुलाते हैं, इस दिवाली कुछ अच्छा करते हैं,  सब कुछ भुलाकर सब के साथ बैठते है दूसरो के लिए कुछ वक़्त निकालते हैं इस दीवाली कुछ अच्छा करते

महफिल अब वो कहां.....

महफिल अब वों कहां......  लूप्त सी हो गई अब तो शायरों की महफ़िल आज के दोर मे l कौन लिखे, जब कोई पढनें को नहीं है मुसाफिर l सब तो लगे हुये हैं एक दूसरे को गिराने में, वक़्त किसके पास  है, डिजिटल युग में अल्फाज़ों को सीखने का l कॉपी पेस्ट का जमाना है, कातिबों  का नहीं l अगर मैं कहू कि मै खुद भी हूं इनमे शामिल, तो फर्क कहां पड़ता है, जमाना जब बदल रहा है तो इंसान को बदलने मे क्या हर्ज़ l हरकतें कर लेता हू मे भी थोड़ी बहुत, दोनों जमानो को मिलाकर, पर जल्दी ही संभल जाता हूं 😊😊😊

Talash

     Story....               **Talash ** आज सुबह से तेज बारिश हो रही थी, सब लोग अपने अपने घरो में बेठे आराम फरमा रहे थे।  कुछ लोग घर के बाहर बैठकर आते जाते हुए लोगो को देख रहे थे, और बीच बीच में कह रहे थे, देखकर चलना, संभलकर चलना, पानी बहुत भरा हुआ है ।  में भी अपने घर की बालकनी में खड़े होकर सड़क पर झांक रहा था, चारों तरफ पानी इतना भर गया कि पता ही नहीं चल रहा रास्ता कहा है।  अचानक मेरी नज़र दूर से आती हुयी एक फैमिली पर पड़ी, बारिश की वजह से साफ तो नही दिख रहा था, लेकिन चार लोग हाथ में सामान लिए चले आ रहे थे।  मे अब उनको ही देख रहा था, कि वो लोग इतने पानी में सामान के साथ कैसे जाएंगे।  कभी उनके कदम लड़खड़ाते, तो कभी अपने सामान को संभालते नज़र आते । धीरे - धीरे वो इतने पास आ गये कि मे स्पष्ट रूप से देख सकता था, उनको ।  जब दिखाई दिया तो पाया कि एक परिवार जिसमे पति पत्नी और दो लड़कियां ।  एक की उम्र मेरी जितनी थी शायद, एक उस से छोटी। उस लड़की को पास से देखा, तो द...

कुछ बेहिसाब सी है मेरी मोहब्बत /Romantic_poetry

Romantic_poetry कुछ बेहिसाब सी है मेरी मोहब्बत कभी कभी कम हो जाती है तो कभी बढ़ जाया करती है। कभी - कभी इतना गुस्सा आता है कि छोड़ दु तुझे तो कभी कभी इतना प्यार की खो ना दु तुझे। कभी वो रूठना तेरा कभी वो मनाना मेरा। थक जाता हूँ कभी कभी तो कभी उमंग से भर जाता हूँ। कभी रुला भी देता हूं, तो कभी रो भी लेता हूँ। जमाने में बदनाम भी कर देता हूँ कभी - कभी तो कभी खुद भी बदनाम हो जाता हूँ। तेरा बार बार फोन करना ,  तो कभी तेरा फोन न करना।  परेशान कर देता है मुझको, फिर भी बात कर ही लेता हूँ। कभी कभी मिल लेता हूँ तो  कभी पास होते हुए भी दूर चला जाता हूँ। कभी कभी तुझे देखने के बहाने ढुंढ़ता हूँ तो कभी ना देखने के। फिर भी मोहब्बत तुम से ही करता हूं।  Romantic_poetry

Dr. Ambedkar, Ambedkar speech, Dr. Ambedkar shayari, Ambedkar poem,

  जो ना रुका कभी, जो ना झुका कभी  मन में प्रण लेकर देश बदलने चला था कभी। खुद की ना कोई पहचान, धूल में सना एक दलित इंसान महसूस कर देश की पीड़ा, सर पर बांध जुनून का सेहरा।  चलता गया, बढ़ता गया, कर लक्ष्य संधान छुआछूत जातिवाद से बदतर था जब समाज। मुक्त कर सभी आडम्बर को बनाया एक खुशहाल इंसान राजनेता, शिल्पकार, समाज-सुधारक बनकर।  दिला गया देश को एक अलग पहचान संविधान निर्माता बनकर भारत रत्न सम्मान है पाया। गुलामी से जकडे़ लोगों को आजादी का जश्न दिलाया नाम है जिनका बाबा साहब, जिनका परचम राष्ट्र में लहराया।  यूं तो कई सदियों में एक ऐसे  महानायक का जन्म होता है जिसकी छवि को युगों युगों तक याद किया जाता है।  उनके पदचिन्हों पर चलकर मानवता का कल्याण किया जाता है।  ऐसे ही महापुरुष बाबा साहब, जिनका स्मरण आज हम आदर के साथ कर रहे हैं।  उनके जैसा तो आज हम बन नहीं सकते।  मगर कोशिश करे कि उनके विचारों के माध्यम से मानव द्वारा मानवता का कल्याण हो,  बाबा साहब ही एक मात्र ऐसे इंसान थे जिन्होंने युगों से शापित मनुष्यों को वरदान मे बदल दिया,  जिन्होंने...